Thursday, 5 June 2014

पुलिस का हो ऐसा नज़रिया, तो कैसे रुकेंगे बलात्कार?

सन् 2012 में तहलका के स्टिंग आप्रेशन द्वारा बलात्कार और उससे पीडि़त महिलाओं को लेकर पुलिस के रवैये का खुलासा किया. स्टिंग आप्रेशन दै0 भास्कार में प्रकाशित हुआ. स्टिंग आप्रेशन में पुलिस वालों ने महिलाओं के साथ रेप के लिए जिम्मेदार 6 अजीबोगरीब कारण गिनाए हैं. पुलिस के मानकों के मुताबिक इन सभी महिलाओं के साथ रेप होने की आशंका है. आप भी इन्हें पढ़कर देखें:


पहला कारण: महिलाएं हमेशा सलवार कमीज या साड़ी नहीं पहनती हैं. फरीदाबाद, थाना एसएचओ सतबीर सिंह ने स्टिंग आप्रेशन में कहा, "लड़कियों को यहां से यहां तक (पूरे शरीर को) ढंकना चाहिए....वे स्कर्ट पहनती हैं, ब्लाऊज पहनती हैं, लेकिन पूरे शरीर को ढंकने वाले कपड़े नहीं पहनती. दुपट्टा नहीं डालती. दिखावा करती हैं तो बच्चा उसकी तरफ आकर्षित होता है." स्टिंग के मुताबिक सूरजपुर थाने के इंचार्ज अर्जुन सिंह ने कहा, ”वह इस तरह से कपड़े पहनती हैं कि लोग उसकी तरफ आकर्षित हो जाते हैं. मेरा तो यहां तक मानना है कि महिलाएं इसीलिए ऐसा करती हैं कि लोग उनके साथ कुछ करें.“ इन दलीलों के जरिए यही बात साबित करने की कोशिश की गई है कि अगर महिला ने सिर से लेकर पांव तक अपने आपको कपड़ों से नहीं ढंका हुआ है तो उसके साथ बलात्कार होना पक्का है.
"पुलिस मानती है कि अगर किसी महिला ने पुलिस में शिकायत की है तो उसके साथ रेप होना बड़ी बात नहीं है. पुलिस का कहना है कि जो महिला रेप की शिकायत लेकर थाने आती है, वह ‘धंधे’ में लिप्त होती है. नोएडा थाने के दरोगा योगेंद्र सिंह  ने इस बारे में स्टिंग आपरेशन में बोले, "उसके लिए (रेप से पीडि़त के लिए) आसान नहीं होता. बेइज्जती से सभी डरती हैं. अखबार बाजी से भी डरती हैं. असलियत में वही आती (रेप की शिकायत लेकर थाने) हैं जो धंधे में लिप्त होती हैं." दूसरे शब्दों में अगर आपके साथ वाकई रेप हुआ है तो आप कभी शिकायत नहीं करेंगी. लेकिन अगर आपने शिकायत कर दी तो पुलिस यह मानेगी ही नहीं कि आपके साथ रेप हुआ है."
दूसरा कारण: अगर कोई लड़की किसी एक लड़के के साथ शारीरिक संबंध बनाती है तो उसके साथ लड़के के अलावा उसके दोस्त भी रेप कर सकते हैं. गाजियाबाद जिले के  थाना के इंचार्ज धरमवीर सिंह ने कहा, "ऐसा बहुत ही कम होता है कि किसी एक लड़की को 10 लड़के उठा लें. अगर कोई लड़की लड़कों से भरी कार में बैठती है तो वह निर्दोष नहीं हो सकती है. अगर वह ऐसा करती है तो उसका किसी न किसी लड़के के साथ रिश्ता है."
तीसरा कारण: वह शराब पिए हुए लोगों के साथ रहती है, तो उसके साथ रेप हो सकता है. क्या किसी अजनबी के साथ शराब पीना भारत में गलत फैसला है? पुलिस का मानना है कि शराब और मौका रेप के लिए जरूरी माहौल तैयार करते हैं और यही रेप की वजह होते हैं. गुड़गांव थाने के रूपलाल ने इस मामले में अपना तर्क रखा, "जैसे हम लोग बैठे हैं, ज्यादा दारू पी ली....फिर तो ऐसा ही होगा. रात भर रख ली. वह इस बात का अपने घरवालों को क्या जवाब देगी. वह एक घंटे के लिए कहकर गई और पूरी रात ही बाहर रह गई. तो मां-बाप तो पूछेंगे. भाई भी पूछेगा. जिनका समाज है, वे तो पूछते हैं."
चौथा कारण: अगर किसी लड़की की मां का चरित्रा ठीक नहीं है तो उसकी बेटी के साथ रेप होने की काफी आशंका रहती है. 10वीं में पढ़ने वाली लड़की के साथ कुछ दिनों पहले नोएडा में हुए गैंग रेप मामले की जांच करने वाले पुलिस अधिकारी राम मलिक के मुताबिक, "लड़की की मां तलाकशुदा है. वह यादव समुदाय के एक पुरुष के साथ रह रही है. महिला की उम्र 48 जबकि पुरुष की उम्र 28 साल है. ऐसे में इस बात की पूरी आशंका है कि लड़कियां भटक सकती हैं."
पांचवां कारण: अगर महिला समाज के ऊंचे तबके से आती है तो वह रेप का शिकार बनेगी. समाज के उच्च वर्ग की महिलाओं को सलीके से कपड़े पहनना नहीं आता है. इस वजह से वे मुसीबत को न्योता देती हैं. ‘तहलका’ ने अपने स्टिंग आप्रेशन में 30 पुलिस वालों से बात की. इनमें से 17 पुलिस वालों ने माना कि बलात्कार की वास्तविक घटनाएं बहुत कम होती हैं. 70 फीसदी मामलों में सैक्स रजामंदी से होता है. लेकिन जब कोई ऐसा देख लेता है या पैसे की मांग पूरी नहीं होती है तो इसे रेप में तब्दील कर दिया जाता है. सेक्टर-24 थाने के सब इंस्पेक्टर मनोज रावत ने इस बारे में कहा, "एनसीआर में ज्यादातर मामले (रेप के) आपसी रजामंदी से होते हैं. मेरी निजी राय में पूरे एनसीआर में एक या दो फीसदी ही वास्तविक रेप के केस होते हैं."
छठा कारण: अगर किसी महिला ने पुलिस में शिकायत की है तो उसके साथ रेप होना बड़ी बात नहीं है. पुलिस का कहना है कि जो महिला रेप की शिकायत लेकर थाने आती है, वह ‘धंधे’ में लिप्त होती है. नोएडा, थाने के दरोगा योगेंद्र सिंह  ने इस बारे में स्टिंग आपरेशन में बोले, "उसके लिए (रेप से पीडि़त के लिए) आसान नहीं होता. बेइज्जती से सभी डरती हैं. अखबार बाजी से भी डरती हैं. असलियत में वही आती (रेप की शिकायत लेकर थाने) हैं जो धंधे में लिप्त होती हैं." दूसरे शब्दों में अगर आपके साथ वाकई रेप हुआ है तो आप कभी शिकायत नहीं करेंगी. लेकिन अगर आपने शिकायत कर दी तो पुलिस यह मानेगी ही नहीं कि आपके साथ रेप हुआ है.

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