नहीं !आप नहीं हैं
कोई देव पुरुष ,मसीहा
या कोई अवतार.
कोई देव पुरुष ,मसीहा
या कोई अवतार.
ये सब तो हैं धर्म सत्ता
का ढोल पीटने वालों के
हथियार .
बाबा साहेब...
आप ईश्वर तो बिलकुल
भी नहीं हैं
क्योंकि ईश्वर ??
कमजोरों से बोला
सबसे शक्तिशाली 'झूठ' है.
जिसकी पैरवी करने को
रचे गए सदियों से न जाने
कितने झूठे धर्म ग्रन्थ,वेद
और पुराण .
इसअस्तित्व विहीन ईश्वर
के नाम से छली कपटियों ने
कभी छल से तो कभी बल
से बनाया निशाना, किया शिकार
निरीह ,निहथ्यों का .
बाबा साहेब !
आप केवल मानव हैं .
मानवीय संवेदनाओं से पूर्ण
मनुष्य जो है सृष्टि की
सर्वश्रेष्ठ रचना .
जिसने सीखा है सभ्यता के
गर्भ से ही सदा
श्रम,संघर्ष और सामजिक
संगठन.
जो बदल सकता है
अपनी चेतना शक्ति,शिक्षा
व ज्ञान के बल पर
सदियों पुरानी,फूहड़
जर्जर वर्णव्यवस्था को
पलट सकता है
मठाधीशों,पोंगापंडितों की
धर्मसत्ता,फूंक सकता है
'मनुस्मृति'.
जो जगा सकता है
चेतना और आत्मविशास
सदियों से दलित,उपेक्षित
अस्मिताओं में .
बाबा साहेब
आपने दी कमजोरों को
ताकत
बेजुबानो को ज़ुबान ,
आपने दिए सबको समान हक़
सड़क से संसद तक
बना दिया मार्ग जनमानस का
लिखकर सर्व समतामूलक
'विशाल संविधान'
जय भीम

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