Friday, 13 February 2015

वरिष्ठ दलित लेखक और चिंतक प्रो. तुलसीराम जी हमारे बीच नहीं रहे

हाल ही के वर्षों में दलित साहित्य के सितारे एक-एक करके हमसे विदा हो रहे हैं, जिन्होंने
दलित साहित्य को बुलन्दियों तक पहुंचाया. 15 नवंबर 2013 को ओमप्रकाश वाल्मीकि, 15 जनवरी 2014 को नामदेव ढसाल,  15 जुलाई 2014 को डा. तेज सिंह और अब 13 फरवरी 2015 को वरिष्ठ दलित लेखक और चिंतक प्रो. तुलसीराम जी हमारे बीच नहीं रहे. हालांकि इनके जाने से खाली हुए स्थान को नहीं भरा जा सकता, लेकिन इस समय जितने भी दलित लेखक साहित्य लेखन में लगे हुए उनकी जिम्मेदारी बढ़ जाती है.

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